जोधपुर की मिल्कमैन कॉलोनी में बिजली के तार गिरने से पांच लोग झुलस गए। जिन दुकानों के ऊपर बिजली का तार गिरने से हादसा हुआ। उन दुकानों के अतिक्रमण को हटाने के लिए एक महीने पहले भी नोटिस दिया गया था। उसके बावजूद दुकानदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। नगर निगम ने इसे लेकर गंभीरता नहीं बरती।
पार्षद घनश्याम सोलंकी ने बताया- दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए करीब एक महीने पहले निगम ने कहा था। दुकानदारों ने 30 से 40 फीट तक अतिक्रमण कर दिया था। उन्हें समझाया गया था कि सड़क पर अतिक्रमण न करें लेकिन दुकानदारों ने बात नहीं मानी।
हादसा रात में होता तो कितने ही लोगों की जान चली जाती। यहां लाशों के ढेर लग जाते, क्योंकि रात के समय होटल-ढाबों में खाना खाने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। ट्रैवल्स एजेंसी और मुख्य मार्ग होने के चलते 500 से 700 लोग इन होटलों में खाना खाने के लिए आते हैं। हादसे के बाद निगम के CEO, महापौर सभी से बात हुई। निगम अब अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएगा।

बारिश थमने पर तार में स्पार्किंग हुई
प्रत्यक्षदर्शी विक्रम बोराणा ने बताया- घटनाक्रम सवा दो बजे के बाद का है। उस समय वह अपने होटल के अंदर थे। बारिश थम गई थी अचानक तार की स्पार्किंग हुई और सीधा तार गिरकर प्रकाश सोलंकी के होटल के काउंटर पर गिरा। सबसे पहले नेपाली युवक भारत चपेट में आया। स्पार्किंग का विस्फोट आग के जितना भयानक था। इसके बाद ओनर प्रकाश, महेंद्र व बाद में दो अन्य स्टॉफ चपेट में आ गए। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया।
बिजली पोल भी कवर किया
दरअसल, मिल्कमैन कॉलोनी में खाने की छोटी बड़ी करीब 12 होटल है। यहां के दुकानदारों ने सड़क पर तीस फीट से अधिक अतिक्रमण कर दिया। मौके पर लगे दो ट्रांसफार्मर के आस पास हाथ धोने की टंकियां रख दी। वहीं तारों के नीचे लोगों को बिठाकर खाना खिलाया जाता है।

डिस्कॉम ने लिखा निगम को पत्र
हादसे के सामने आने के बाद जोधपुर डिस्कॉम की ओर से भी सभी एजेंसियों नगर निगम, जेडीए को बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर के आस पास हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कहा गया है। बारिश की सीजन के चलते यहां हादसों का खतरा अधिक है।






