जयपुर के सेंट्रल जेल में बंदियों के पास मोबाइल मिलने का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सितंबर महीने में जयपुर जेल से 24 से ज्यादा मोबाइल फोन मिल चुके हैं। जेल विभाग अब तक इस संबंध में 18 एफआईआर करवा चुका है। एक दिन पहले सोमवार को वापस एक बंदी के पास की-पेड मोबाइल मिला। वह करीब 2 महीने से फोन का प्रयोग कर रहा था।
जेल प्रहरी रामकरण गुर्जर ने इस संबंध में लालकोठी थाने को लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस पर थाना पुलिस ने विचाराधीन बंदी दीपक मीणा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच हेड कॉन्स्टेबल किशन सिंह को दी है।

आकस्मिक तलाशी की तो मिला की-पेड मोबाइल फोन जेल प्रहरी रामकरण गुर्जर ने बताया कि सीनियर अधिकारियों ने तलाशी के निर्देश दिए थे। इस पर जयपुर सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर 2 में सोमवार को आकस्मिक तलाशी की गई। तलाशी के दाैरान विचाराधीन बंदी दीपक मीणा के पास एक की-पेड मोबाइल फोन मिला। बंदी दीपक से जब मोबाइल को लेकर पूछताछ की गई तो उसने कोई संतोषप्रद जानकारी नहीं दी। जानकारी के अनुसार वह करीब 2 महीने से जेल में फोन का प्रयोग कर रहा था। इस पर बंदी दीपक के खिलाफ लालकोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इस महीने अब तक मिले 24 से ज्यादा मोबाइल फोन हैरानी की बात यह है कि जेल में कई बार जेल प्रशासन की ओर से सर्च की कार्रवाई की जाती है। इसके बाद भी कैदियों और बंदियों के पास मोबाइल फोन मिल रहे हैं। बंदियों और कैदियों को जेल में प्रतिदिन हो रही सर्च के बाद भी कोई डर नहीं है।
जयपुर जेल में सितंबर महीने में करीब दो दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन मिल चुके हैं। जेल विभाग अब तक इस संबंध में 18 एफआईआर करवा चुका है।






