अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीड़न प्रकरण कोर्ट ने जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को 7-7 साल की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजेश मीणा ने तीनों को दोषी करार देते हुए 50-50 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
वहीं न्यायाधीश ने आदेश में प्रकरण के आईओ (अनुसंधान अधिकारी) भूपेंद्र सिंह की ओर से जांच में लापरवाही के संबंध में आईजी अजमेर रेंज को जांच कर रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
धारदार हथियारों से हमला
प्रकरण के अनुसार हाजी सैयद बिलाल हुसैन चिश्ती ने पुलिस को बयान दिए थे कि 16 जून 2014 को वह घर से हवेली के पास मुख्य सड़क पर आया तो पीछे से तारिक जमाली ने तलवार और फखर जमाली व तौसीफ जमाली ने हथियारों से उस पर हमला कर दिया।
तलवार के वार से अंगुली कटकर नीचे गिर गई
इससे उसके सिर व पीठ पर गहरे जख्म हुए और हाथ की एक अंगुली कट कर नीचे गिर गई। इस मामले में दरगाह थाना पुलिस ने आरोप प्रमाणित माना और न्यायालय में चालान पेश किया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।
कोर्ट ने 7-7 साल की सजा सुनाई
मामले में कोर्ट ने आरोपी खादिम मोहल्ला निवासी सैयद तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी, सैयद तारिक चिश्ती और सैयद फखर जमाली को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपियों को 7 साल साधारण कारावास और 50-50 हजार रुपए अर्थ दंड से दंडित किया है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।






