राजसमंद जिले का प्रमुख द मेवाड़ स्पोर्ट्स क्लब इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। क्लब पर अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने क्लब को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब पहले 3 नवम्बर को देना था उसके बाद इसका समय 10 नवम्बर किया गया। नोटिस में मेवाड़ क्लब को निर्देशित किया गया कि प्रार्थी डॉ आनन्द श्रीवास्तव द्वारा मांगी गई सूचना का जवाब दिया जाए।
खर्चे और चुनाव को लेकर जानकारी मांगी थी
एडवोकेट जितेंद्र खटीक के अनुसार, क्लब के स्थायी सदस्य डॉ आनंद श्रीवास्तव ने आरटीआई के तहत पिछले पांच वर्षों के आय-व्यय और चुनाव संबंधी सहित 7 बिन्दुओं में जानकारी मांगी थी, लेकिन क्लब ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर श्रीवास्तव ने प्रथम अपील अधिकारी जिला कलेक्टर के समक्ष अपील दायर की। कलेक्टर ने 3 नवंबर तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए क्लब को नोटिस जारी किया। इसके अलावा डॉ श्रीवास्तव इस बार के चुनाव को लेकर अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया है। इस पर 3 नवंबर को क्लब के पदाधिकारियों ने 10 नवंबर तक का समय मांगा।
आरोप: मूल उद्देश्य से भटके
स्थायी सदस्य आनंद श्रीवास्तव ने क्लब पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि द मेवाड़ स्पोर्ट्स क्लब सरकारी भूमि और अनुदान से स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना था, लेकिन क्लब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। खेल गतिविधियां नदारद हैं और वर्षों से औपचारिक चुनाव नहीं हुए हैं।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 में तत्कालीन कलेक्टर बालमुकुंद असावा ने 2 मार्च तक एसडीएम की देखरेख में चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, मगर क्लब प्रबंधन ने 22 मार्च को बिना औपचारिक चुनाव के सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारी घोषित कर दिए। क्लब में 615 स्थायी सदस्य है।





