नगर निगम हेरिटेज जयपुर की महापौर कुसुम यादव के नेतृत्व में बीते 14 महीनों में शहर ने स्वच्छता, आधारभूत ढांचा और जन-सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। तेज निर्णयों, जन-सहभागिता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए निगम ने कई ऐसी पहलें कीं, जिन्होंने शहर की रैंकिंग, सुविधाओं और समग्र छवि पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
सबसे बड़ी उपलब्धि स्वच्छता के क्षेत्र में रही, जहां हेरिटेज जयपुर ने स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 20वीं रैंक हासिल कर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को तकनीकी रूप से अपग्रेड किया गया, GPS आधारित ट्रैकिंग लागू की गई और सभी वार्डों में बीट-वाइज सफाई कर्मचारियों की तैनाती से सफाई व्यवस्था मजबूत हुई। प्रतिदिन 1000 टन कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और 300 TDP क्षमता वाले MRF प्लांट के निर्माण कार्य ने स्वच्छता मॉडल को और सुदृढ़ किया।
एक दिन में लगाए 2.12 लाख पौधे
वहीं, हरियाली संरक्षण में भी हेरिटेज क्षेत्र ने रिकॉर्ड बनाया। हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत एक दिन में 2.12 लाख पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। शहर के पार्कों, राउंडअबाउट्स और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर सौंदर्यीकरण व हरित विकास के कार्य हुए, जिससे शहरी पर्यावरण को ठोस मजबूती मिली।
पिंक टॉयलेट से बनाई अलग पहचान
महिला-सुविधाओं को बढ़ावा देने के तहत पिंक टॉयलेट्स की संख्या और गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई। सुल्तान नगर और संजय बाजार में दो नए पिंक टॉयलेट निर्माणाधीन हैं, जबकि गोल मार्केट और टी.एन. मिश्र मार्ग पर आधुनिक पिंक टॉयलेट्स का लोकार्पण किया गया। प्रत्येक इकाई लगभग ₹21 लाख की लागत से तैयार की गई है।
100 वार्डो में चलाए अनवरत विकास कार्य
वहीं, विकास कार्यों की बात करें तो सड़कों, सीवरेज और सार्वजनिक सुविधाओं के उन्नयन में व्यापक निवेश हुआ। आदर्श नगर के वार्ड 92 में ₹60 लाख की सड़क, जामडोली में ₹1.50 करोड़ की डिजिटल लाइब्रेरी, हवामहल जोन में ₹50 लाख की नई सड़क और जयसिंहपुरा खोर में ₹1 करोड़ की सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे हुए। सिविल लाइंस जोन में प्रत्येक वार्ड में ₹25 लाख के विकास कार्यों के साथ अतिरिक्त ₹30 लाख प्रति वार्ड स्वीकृत किए गए। किशनपोल जोन में कुल ₹20 करोड़ के कार्यों के साथ संकरी और जर्जर गलियों के सुधार हेतु ₹1.50 करोड़ की स्वीकृति दी गई। परकोटे के प्रमुख बाजारों—चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार, चांदपोल—में सौंदर्यीकरण और यातायात सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया।
चौगान स्टेडियम का नाम बदलने का ऐतिहासिक निर्णय,
पंडित भंवर लाल शर्मा के नाम से जाना जाएगा स्टेडियम
शहर की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के लिए कई महत्वपूर्ण नामकरण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें चौगान स्टेडियम का नामकरण पंडित भंवरलाल शर्मा स्टेडियम, पांच बत्ती मार्ग को लीलावती मार्ग और जनाना अस्पताल को माता यशोदा अस्पताल किए जाने जैसे निर्णय शामिल हैं, जिन्हें नागरिकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
इसके अलावा अतिक्रमण नियंत्रण भी इस कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धि रहा। बड़ी चौपड़ और व्यस्त इलाकों में बड़े पैमाने पर की गई कार्यवाही से पैदल मार्ग और यातायात व्यवस्था में सुधार आया। प्रमुख स्थलों पर सौंदर्यीकरण और लाइटिंग कार्य भी किए गए।
NCAP के तहत होंगे ₹35 करोड़ के कार्य
इसके तहत श्मशान घाटों का आधुनिकीकरण, जल निकासी व्यवस्था में सुधार और पार्कों के विकास—ने शहर को नई दिशा दी। वहीं, राजस्थान का पहला वेस्ट टू वंडर पार्क, जो पूरी तरह रिसाइकल्ड वेस्ट से निर्मित कलाकृतियों पर आधारित होगा, हेरिटेज जयपुर में निर्माणाधीन है। जनहित के मामलों में भी निगम तत्पर रहा और वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्तियों का निस्तारण कर 20 मृतक आश्रितों को नियुक्तियाँ दी गईं।
महापौर कुसुम यादव का यह 14 माह का कार्यकाल हेरिटेज जयपुर के लिए विकास, स्वच्छता, हरियाली, महिला-सशक्तिकरण और पारदर्शी प्रशासन की मिसाल बनकर सामने आया है। शहर आज स्मार्ट, स्वच्छ और जन-केंद्रित शहरी मॉडल की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।






