भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में संचालित ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन ने गुरुवार को एक प्रमुख उपलब्धि हासिल की है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर श्री उत्सव कौशल के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘मिशन मोड’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके फलस्वरूप डीग जिले ने कुल निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण कर किया है।
जिले की उल्लेखनीय प्रगति: 4 लाख से अधिक प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण
जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा 20 नवंबर को शाम 4:00 बजे जारी अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में डिजिटाइजेशन की कुल प्रगति 50.52 प्रतिशत दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 4,03,949 गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य सफलतापूर्व पूर्ण किया जा चुका है। बीते 24 घंटों में लगभग 44,981 नए प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया गया, जिससे कुल प्रगति में 5.63 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह गति अभियान की सफलता की ओर बढ़ते मजबूत कदमों को दर्शाती है।
विधानसभा-वार समीक्षा: डीग-कुम्हेर और नगर विधानसभा में 50% से अधिक कार्य पूर्ण
आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि जिले के विधानसभा क्षेत्रों में कार्य निष्पादन उच्च स्तर पर है:
डीग-कुम्हेर विधानसभा: यहाँ अब तक 1,38,511 प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कर 52.54 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
नगर विधानसभा: इस क्षेत्र में भी कार्य निरंतर जारी है। यहाँ 1,34,950 प्रपत्रों के साथ 52.23 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
कामां विधानसभा: यहाँ भी कार्य में निरंतर सुधार हो रहा है और अब तक 47.02 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जो शीघ्र ही 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार करने की ओर अग्रसर है।
प्रशासनिक दक्षता: एसडीएम कुम्हेर क्षेत्र 60 प्रतिशत लक्ष्य के निकट
एईआरओ स्तर पर किए गए कार्यों की समीक्षा करने पर एसडीएम कुम्हेर के क्षेत्राधिकार में सर्वाधिक प्रगति देखी गई है। यहाँ 59.59 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जो 60 प्रतिशत के लक्ष्य के अत्यंत निकट है । इसके अतिरिक्त, तहसीलदार नगर ने 54.65 प्रतिशत और तहसीलदार डीग ने 53.09 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन अधिकारियों की सतत मॉनिटरिंग के कारण ही यह गति संभव हो सकी है।
‘शून्य त्रुटि’ के साथ शेष लक्ष्य की ओर अग्रसर
जिला निर्वाचन अधिकारी ने 50 प्रतिशत का पड़ाव पार करने पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए हैं कि अभियान के शेष भाग को भी इसी उत्साह और गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का ध्येय केवल आंकड़े प्राप्त करना नहीं, बल्कि डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना है। सभी तकनीकी टीमों और बीएलओ को निर्देशित किया गया है कि वे ‘शून्य त्रुटि’ के सिद्धांत पर कार्य करें ताकि अंतिम मतदाता सूची पूर्णतः त्रुटि-रहित प्रकाशित हो सके।





