उदयपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र में माता-पिता द्वारा मोबाइल पर बातचीत कम करने की बात कहने पर एक नाबालिग लड़की ने सुसाइड कर लिया। अचेत अवस्था में परिजन उसे एमबी हॉस्पिटल लेकर गए। जहां दो दिन इलाज के बाद भी बच्ची को होश नहीं आया और सोमवार रात 2 बजे उसने दम तोड़ दिया। मोबाइल पर ज्यादा बात करते देख उसकी मां ने उसे टोका था। जिसके बाद नाबालिग ने ये कदम उठा लिया।
टोकने पर कमरे में गई और गेट बंदकर लगा दी फांसी एएसआई रणजीत सिंह ने बताया कि बड़गांव के वेलागढ़ निवासी लक्ष्मी गमेती(15) 23 नवंबर की रात को घर पर थी। उसके माता-पिता बाहर आंगन में खाना खा रहे थे। लक्ष्मी मोबाइल पर बात कर रही थी। माता-पिता ने फोन पर कम बात करने के लिए कहा तो लक्ष्मी गुस्सा होकर कमरे में चली गई और गेट बंद कर दिया। कुछ देर बाद माता-पिता अंदर गए और दरवाजा खटखटाया।
बेटी ने जबाव नहीं दिया। पिता ने रोशनदान से झांका तो लक्ष्मी फांसी का फंदा लगा रही थी। माता-पिता ने उसे समझाइश कर रुकने को कहा लेकिन वह नहीं मानी। पिता ने खिड़की तोड़ी और अंदर गए। तब तक बेटी फांसी लगा चुकी थी। लक्ष्मी को अचेत हालत में एमबी हॉस्पिटल लाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन बच्ची वापस होश में नहीं आ सकी और उसने दम तोड़ दिया।






