जयपुर में पिछले दो दिनों से जारी लो फ्लोर बस ड्राइवर की हड़ताल समाप्त हो गई है। जेसीटीसीएल की बगराना डिपो स्थित लो-फ्लोर बसों का संचालन संभालने वाली निजी फर्म पारस ट्रेवल्स ने ड्राइवर यूनियन की 5 मांगों को मानने पर सहमति दे दी है।
दरअसल, जयपुर में हर दिन करीब एक लाख लोग इन बसों से सफर करते हैं, लेकिन लो फ्लोर बस संचालकों की हड़ताल की वजह से मंगलवार और बुधवार को बड़ी संख्या में पैसेंजर्स परेशान हो रहे थे। आज सुबह से ही दूसरे दिन भी बस स्टॉप पर लंबी कतारें लग रही थीं।
ऐसे में आम जनता की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्राइवेट बस ऑपरेटर को जल्द इस समस्या के समाधान के आदेश दिए। जिस पर बातचीत करते हुए प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने ड्राइवर की बात मांगू को मानने का वादा किया है। जिसके बाद नाराज ड्राइवर एक बार फिर काम पर लौट गए हैं।

डिपो के बाहर किया प्रदर्शन इससे पहले आज बगराना डिपो के बाहर ड्राइवरों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि पारस ट्रेवल्स फर्म लगातार श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रही है। ड्राइवरों को मेंटेनेंस के बिना खराब बसें चलाने को मजबूर किया जाता है। जिससे हादसे का खतरा बढ़ता है। बीते दिनों टोंक फाटक पुलिया पर बस में लगी आग और पिछले दिनों में हुए कई हादसे इसी लापरवाही का नतीजा हैं।
इन मांगों पर बनी सहमति
- दुर्घटना में मौत हुए चालक कुलदीप मीणा के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- ड्यूटी के दौरान लकवा ग्रस्त चालक रामजीलाल शर्मा की मदद की जाएगी।
- दोनों चालकों के वेतन, ओवरटाइम, पीएफ, ईएसआई क्लेम और पेंशन का तुरंत भुगतान किया जाएगा।
- डिपो प्रबंधन को बदलकर ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। ड्राइवरों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
बता दें कि लो फ्लोर बस ड्राइवर की हड़ताल जारी होने की वजह से बगराना डिपो की पूरी 100 बसें खड़ी थी। जो अब फिर से जयपुर की सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगे। जिससे बस में सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी।





