जोधपुर के मंडोर स्थित साईं एनक्लेव समिति के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर मंडोर थाने में प्रदर्शन किया। लोगों ने बिल्डर पर मनमानी करने की बात कहते हुए मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए ली गई राशि विभाग में नहीं जमा कराने का आरोप लगाया।
साईं एनक्लेव के लोगों का कहना है कि मंडोर में स्थित लगभग 300 फ्लैटों में करीब 1000 लोग निवास करते हैं। समिति के सभी फ्लैट वासियों से मीठे पानी की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पूर्व में निर्धारित राशि वसूल की जा चुकी है। इसके बावजूद बिल्डर ने जानबूझकर पीएचईडी द्वारा जारी डिमांड राशि जमा नहीं करवाई गई, जिससे सोसाइटी के निवासियों को मीठे पानी की सुविधा से वंचिच हैं।
लोगों का आरोप है कि मीठे पानी की गंभीर समस्या को लेकर जब फ्लैटवासी इकट्ठी होकर अपने ही परिसर में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे, तो बिल्डर ने रात के समय ट्यूबवेल का पानी बंद करवा दिया। साथ ही लगभग 50 फीट बिजली तार कटवा दिए। । लोगों का कहना है कि इस घटना के पश्चात उन्होंने मंडोर पुलिस थाना में सुबह उपस्थित होकर मुकदमा दर्ज करवाने का प्रयास किया गया, किंतु मुकदमा दर्ज न कर केवल परिवाद (शिकायत) दर्ज किया गया। इसके बाद तार चोरी एवं तार काटने संबंधी प्रकरण में भी शिकायत दी गई, परंतु उसमें भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
साईं एनक्लेव लोगों ने बताई ये समस्याएं
- मीठे पानी की स्थायी सुविधा का पूर्ण अभाव।
- फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगा हुआ है, जिससे किसी भी आकस्मिक घटना में जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
- लिफ्ट अत्यंत जर्जर अवस्था में है, लगातार खराब हो रही है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) आज तक स्थापित नहीं किया गया है।
- फायर सेफ्टी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं है।
- सामूहिक (फैसिलिटी) एरिया पर बिल्डर द्वारा अवैध कब्जा कर रखा गया है।
साईं एनक्लेव समिति के लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच, दोषी बिल्डर के विरुद्ध सख़्त कानूनी कार्रवाई तथा तत्काल प्रभाव से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की है।






