नदबई के गांव सिरसई में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि गांव में करीब 89 लाख रुपए की लागत से पानी की टंकी बनी है। इसके साथ ही घर-घर किए गए नल कनेक्शन भी दिये गए। लेकिन सालों बीत जाने के बावजूद आज तक एक बूंद पानी भी नलों तक नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
पानी के लिए कई किलोमीटर की दूरी
महिलाओं ने पानी को लेकर घरों के बाहर जम कर प्रदर्शन किया, गांव की महिलाओं ने बताया कि उन्हें रोजाना कई-कई किलोमीटर दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है। सिर पर मटके रखकर पानी ढोना उनकी दिनचर्या बन चुका है। गर्मी के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। महिलाओं का कहना है कि पानी भरने के चक्कर में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्गों और बच्चों को समय पर पानी नहीं मिल पाता। कई बार तो आपसी विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
ग्रामीण सुदामा ने बताया कि, उन्होंने कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को अवगत करवाया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। किसी ने कहा “आज-कल में पानी आ जाएगा”, तो किसी ने तकनीकी खामी का बहाना बना दिया। लेकिन नतीजा शून्य रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी कभी-कभार गांव में आते हैं, टंकी और पंप हाउस देखकर चले जाते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं करते।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, जल जीवन मिशन के तहत गांव की सड़कों को जगह-जगह खोदकर पाइप लाइन बिछाई गई, लेकिन इसके बाद ठेकेदार द्वारा सड़कों को सही तरीके से नहीं बनाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि, कई स्थानों पर सड़कें उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी पड़ी हैं। रात के अंधेरे में यहां से निकलना दूभर हो जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और दुपहिया वाहन चालकों को खासा परेशान होना पड़ता है।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता समय सिंह सैनी ने बताया कि, संवेदक को योजना चालू करने को निर्देशित कर दिया है। जल्दी ही गांव में जल आपूर्ति चालू कर दी जाएगी।






