राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई) के अनुसार राजस्थान में सौर ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 828 गीगावाट है, जबकि राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (एनआईडब्ल्यूई ) के अनुसार राज्य में 150 मीटर ऊँचाई पर पवन ऊर्जा की अनुमानित क्षमता 284 गीगावाट है। यह आंकड़े साबित करते हैं कि राजस्थान देश का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। राठौड़ के सवाल के जवाब में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा एवं विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक ने सदन को यह जानकारी दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की सोलर पार्क एवं अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना योजना के अंतर्गत राजस्थान में कुल 10,726 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से भादला, फलोदी—पोकरण, फतेहगढ़, नोख, पुगल बीकानेर एवं जैसलमेर क्षेत्र शामिल हैं। राज्यसभा सांसद राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान में अब तक 1,31,057 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। इससे आम जनता को बिजली बिल से राहत मिल रही है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
किसानों के हित में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के माध्यम से सोलर पंपों की स्थापना, ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सोलराइजेशन तथा किसानों को अपनी भूमि पर सौर संयंत्र स्थापित कर सौर उद्यमी बनने का अवसर दिया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान सरकार की एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के अंतर्गत वर्ष 2030 तक राज्य में 125 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के लिए केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के तहत देशभर में लगभग 48.3 गीगावाट की विनिर्माण क्षमता के लिए लेटर ऑफ अवार्ड जारी किए गए हैं। राजस्थान में दो कंपनियों द्वारा जयपुर जिले में लगभग 5.7 गीगावाट सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि रोजगार के विषय में पीएलआई योजना के तहत देशभर में अब तक लगभग 13,600 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं, जिनमें से 3,156 रोजगार जयपुर तथा 20 रोजगार बाड़मेर जिले में सृजित हुए हैं। राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण भारत की घरेलू सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता एएलएमएम सूची के तहत बढ़कर लगभग 144 गीगावाट हो चुकी है तथा सोलर मॉड्यूल का निर्यात वित्त वर्ष 2021-22 में 83 मिलियन डॉलर से बढ़कर 2024-25 में लगभग 1121 मिलियन डॉलर हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं, जो विकसित भारत 2047 के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हैं।





