प्रभारी सचिव डीग एवं संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया ने शुक्रवार को जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम पैंगोर स्थित विभिन्न राजकीय संस्थानों का औचक निरीक्षण कर सार्वजनिक सेवाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता का सघन अवलोकन किया।निरीक्षण की शुरुआत में उन्होंने शहीद मोहन सिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पैंगोर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मिड-डे मील रसोई की स्वच्छता,छात्र उपस्थिति एवं मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना के अंतर्गत दुग्ध पाउडर के स्टॉक व वितरण प्रणाली की बारीकी से जांच की।विद्यालय में तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्होंने स्मार्ट क्लासेज और कंप्यूटर लैब की कार्यक्षमता को परखा तथा प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर में सघन पौधारोपण कर एक व्यवस्थित गार्डन विकसित किया जाए।इस दौरान उन्होंने शिक्षण स्तर को और अधिक प्रभावी बनाने तथा आगामी सत्र हेतु विद्यालय में छात्र नामांकन बढ़ाने के संबंध में आवश्यक निर्देश भी प्रदान किए।
निरीक्षण के द्वितीय चरण में संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पैंगोर का औचक अवलोकन किया। यहाँ व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सर्वप्रथम कार्मिक उपस्थिति पंजीका का मिलान किया, जिसमें केंद्र के प्रभारी चिकित्सक के ड्यूटी से नदारद रहने और कार्यस्थल पर उनकी अनुपस्थिति को अत्यंत गंभीरता से लिया गया। इस लापरवाही और राजकीय कर्तव्यों के प्रति शिथिलता के लिए उन्होंने संबंधित प्रभारी चिकित्सक को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर आने वाले प्रतिदिन के मरीजों की संख्या की जानकारी ली तथा दवाओं के स्टॉक, उनके सुरक्षित संग्रहण और रखरखाव की स्थितियों का सूक्ष्म परीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तदुपरांत, प्रभारी सचिव ने ग्राम पैंगोर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर पोषाहार एवं अन्य सामग्रियों का स्टॉक आवश्यकता से अधिक पाए जाने पर उन्होंने संसाधनों के समुचित उपयोग हेतु अतिरिक्त स्टॉक को अन्य जरूरतमंद केंद्रों पर भिजवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उन बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित करें जिनका वजन निर्धारित मानकों से कम है, ताकि कुपोषण की स्थिति में प्रभावी सुधार लाया जा सके। संभागीय आयुक्त के इस सघन निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें उन्होंने सभी विकास कार्यों और लोक सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





