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अधिवक्ता मौलिक अधिकारों के रक्षक,लोकतंत्र के प्रहरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता कानून की कठिन भाषा को सरल बनाकर समाज को न्याय दिलाने वाले सेतु हैं।जब कोई आम आदमी किसी मुसीबत में होता है,तो वह न्याय की आस लेकर सबसे पहले अधिवक्ता के पास ही जाता है।इसलिए उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए कार्य करना चाहिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को बनीपार्क स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में दी बार एसोसिएशन जयपुर के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के तीन प्रमुख स्तंभ विधायिका,कार्यपालिका और न्यायपालिका अपनी-अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाते हुए एक-दूसरे के साथ संतुलन बनाए रखते हैं,तभी एक स्वस्थ और जीवंत लोकतंत्र का निर्माण होता है।अधिवक्ता न्यायपालिका के साथ मिलकर उस संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करते हैं और संविधान एवं मौलिक अधिकारों के रक्षक तथा लोकतंत्र के प्रहरी की भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने के साथ ही आमजन को कर्तव्यबोध भी कराते हैं।उनको भारत को उत्कृष्ट बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार सभी को न्याय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। त्वरित न्याय के बिना विकास अधूरा है। प्रदेश में तीन नए कानून को जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है।इन नए कानूनांे के माध्यम से राजस्थान सबसे तीव्र गति से न्याय पहुंचाने वाले राज्यों में से एक बन गया है।
बौद्धिक विमर्श,नैतिक अनुशासन और सामूहिक शक्ति का केंद्र
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बार एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि दी बार एसोसिएशन जयपुर विधि की परंपरा,अनुशासन,तर्क की परिपक्वता और बौद्धिक उत्कृष्टता का केन्द्र रही है।बार एसोसिएशन अधिवक्ताओं को न केवल पेशेवर मंच प्रदान करता है,बल्कि बौद्धिक विमर्श, नैतिक अनुशासन और सामूहिक शक्ति का भी केंद्र है।उन्होंने कहा कि यह संस्था विधिक सुधारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है।
 ई-कोर्ट प्रणाली,डिजिटल फाइलिंग को दिया बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। 42 नए न्यायालय स्थापित किए गए हैं। फलौदी, खैरथल-तिजारा सहित कुल 8 जिला एवं सेशन न्यायालयों का सृजन किया गया है।बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन कैम्प कोर्ट के स्थान पर नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय,हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर,चुरू,बीकानेर एवं जोधपुर में विशेष (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय,झुंझुनू में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन.आई. एक्ट) न्यायालय तथा पहाडी (डीग) एवं खैरथल-तिजारा में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का सृजन किया गया है।लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु विशेष अदालतों एवं फास्ट ट्रैक तंत्र को अधिक सशक्त किया जा रहा है।साथ ही,ई-कोर्ट प्रणाली, डिजिटल फाइलिंग और तकनीकी आधुनिकीकरण को भी बढ़ावा दिया गया है।उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की न्यायसंगत मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जिला बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा,विधायक गोपाल शर्मा, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन, न्यायाधीश मनीष शर्मा, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चैयरमेन भुवनेश शर्मा,दी बार एसोसिएशन जयपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोमेश चन्द शर्मा सहित बार एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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