बारां जिले में पुलिस और जिला प्रशासन ने एक संयुक्त और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध पटाखों के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। अटरू-बारां रोड पर स्थित आर.डी. ब्रदर्स के तीन गोदामों से करीब 40 करोड़ रुपये की अवैध विस्फोटक निर्माण सामग्री और तैयार पटाखे जप्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि 20 फरवरी को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि मंडोला के पास आर.डी. ब्रदर्स के गोदामों में क्षमता से कहीं अधिक और अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी व वृताधिकारी हरीराम सोनी के निर्देशन और कोतवाली थानाधिकारी भजनलाल प्रोबेशनर आरपीएस ने टीम के साथ मौके पर दबिश दी।
जांच में खुली लापरवाही की पोल: बिना सेफ्टी के चल रहा था काम
जब पुलिस और नगर परिषद की टीम ने गोदामों का निरीक्षण किया, तो वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं मिले। गोदामों में अग्निशमन के उपकरण तक नदारद थे, जो किसी भी बड़ी जनहानि का कारण बन सकते थे। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों गोदामों को सील कर दिया। नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा की रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 और विस्फोटक अधिनियम-1984 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जप्ती के आंकड़े
21 और 22 फरवरी को चली लंबी जप्ती की कार्रवाई में बम निरोधक दस्ता, एफएसएल और अग्निशमन दल को भी शामिल किया गया। जप्त की गई सामग्री में लगभग 2,31,300 किलोग्राम (231 टन) कुल विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
जिनमे 1350 कट्टे से करीब 338 क्विंटल नीले, लाल और सादे सुतली बम, तैयार पटाखे 5500 कार्टून (करीब 1918 क्विंटल), विस्फोटक बारूद 12 क्विंटल पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर, चारकोल और एल्युमिनियम पाउडर एवं अन्य सामग्री 45 क्विंटल जर्दा (पटाखों के लिए), 20 बंडल लाल बत्ती, पैकिंग मशीनें और भारी मात्रा में ब्रांडेड लेबल शामिल है।
जप्त किए गए पटाखों और कच्चे माल की कुल अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरी कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी भजनलाल, किशनगंज थानाधिकारी रमेशचन्द मेरोठा, नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा और उप जिला कलेक्टर विश्वजीत सिंह की मुख्य भूमिका रही। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच किशनगंज थानाधिकारी रमेशचन्द मेरोठा द्वारा की जा रही है। पुलिस अब इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहाँ से आई और इसके पीछे किन चेहरों का हाथ है।






