नागौर। पंच-गौरव कार्यक्रम में कार्यों की प्रगति व बजट की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।आर्थिक व सांख्यिकी विभाग रामकुमार राव ने पंच गौरव कार्यक्रम की प्रगति से अवगत कराया।इस दौरान जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर ने पंच गौरव प्रोत्साहन समिति के सदस्यों व अधिकारियो से पंच गौरव में प्राप्त मद में बजट का उपयोग मय विवरण सहित अब तक किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने जिले के पंच गौरव से संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंच गौरव के लिए प्रस्तावित बजट को सही तरीके से व्यय करते हुए पंच गौरव का प्रचार प्रसार भी करवाएं तथा पंच गौरव को एक अलग पहचान दिलवाएं।उन्होंने राजस्थान में ‘पंच गौरव योजना’ (शुरुआत 17 दिसंबर 2024) के तहत जिले के 5 विशिष्ट उत्पादों (कृषि, उद्योग, वन, खेल, पर्यटन) के विकास हेतु बजट 31 मार्च तक खर्च करने, फील्ड निरीक्षण और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पाद,शिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देना है।इसके लिए आवंटित बजट का उपयोग 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करें।बैठक में उन्होंने कृषि,वन,उद्योग,खेल और पर्यटन विभागों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की।इस दौरान उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तकनीकी स्वीकृतियां,फील्ड-स्तर की स्थिति की नियमित समीक्षा और कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने को कहा। बैठक में उन्होंने आमजन और युवाओं में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए कि सभी कार्य समय पर पूरे हों ताकि जिले की विशिष्ट पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।बैठक में निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम में जिले के चिन्हित तत्वों का प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्य योजना तैयार कर विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएं तथा संबंधित नोडल अधिकारी इसकी नियमित समीक्षा भी करें।उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को भी पंच गौरव कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की जाएं, जिससे उन्हें भी जिले की विशिष्ट पहचान की जानकारी मिल सके।साथ ही,उन्होंने इस कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,ताकि आमजन का इससे सीधा जुड़ाव हो सके।जिला कलक्टर ने एक जिला एक उत्पाद पानमैथी को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्योग केंद्र एवं कृषि मंडी सचिव को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा मैथी की खरीद के लिए मंडी अधिकारी को सहप्रभारी बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।इस दौरान उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी करें।
इस दौरान उन्होंने एक जिला एक उपज मूंग को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों को मूंग के उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग करने के निर्देश दिए,ताकि इन उत्पादों को नई पहचान मिल सके।उन्होंने वन विभाग को एक जिला एक वनस्पति खेजड़ी के पौधे तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने खेल विभाग को जिले में उपखंड स्तर तक युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने एक जिला एक खेल कबड्डी को विशेष पहचान दिलाने के लिए कबड्डी खिलाड़ियों को सम्मानित करने, खिलाड़ियों के शिक्षक/कोच/रिटायर्ड शारीरिक शिक्षको आदि को खेल को बढ़ावा देने हेतु उन्हें सम्मानित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बजट के अनुरूप खेल सामग्री की उपलब्धता पर भी चर्चा की।उन्होंने एक जिला एक पर्यटन स्थल मीरां बाई स्मारक पर पर्यटन सुविधाएं बेहतर बनाने,उपखंड स्तरीय विकास समिति के कार्यों की मॉनिटरिंग करने,लाइट एंड साउंड शो को चालू करने के प्रयास करने संबंधी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि एक जिला एक पर्यटन स्थल मीरां बाई स्मारक के पास सड़़क व पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। इस दौरान उन्होंने कहा कि मीरां बाई मंदिर परिसर में लाइट एंड साउंड शॉ सिस्टम को तीव्रता से चालू करवाने सहित विभिन्न ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध करवाने संबंधी एलईडी स्क्रीन लगाने के लिए भी निर्देशित किया।जिस पर अधिकारियों ने पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।






