विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक रमिला खड़िया ने जनजाति विकास मंत्री और विभाग के अफसरों पर निशाना साधा। खड़िया ने कहा- आदिवासियों की सुनने वाला कोई नहीं है।
पुलिस के अफसर सुनने को तैयार नहीं है, एफआईआर लिखने से पहले मनी मांगते हैं, फिर एफआईआर लिखते हैं। आए दिन रेप हो रहे हैं, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं।
टीएडी मंत्री ने कभी बैठक ली क्या? टीएडी मंत्रीजी, आप मंत्री बनकर बैठे हो। आप 200 विधायकों के मंत्री हो केवल बीजेपी के नहीं, आप सबकी बात सुनो।
इससे पहले शून्यकाल के दौरान बीकानेर में नाबालिग बच्ची से रेप और हत्या के मामले में कांग्रेस के वॉकआउट के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने विधायकों को फटकार लगाई।
वॉकआउट के दौरान ही स्पीकर ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए कांग्रेस विधायक मनीष यादव का नाम पुकारा। मनीष यादव वॉकआउट करके तत्काल आकर बोलने लगे।
स्पीकर ने मनीष यादव को सख्त लहजे में चेताया और कहा कि दोनों तरफ रहना चाहते हो। वॉकआउट भी और बोलना भी, आगे से ऐसा नहीं चलेगा।
इसी दौरान बीजेपी विधायक के टोकाटाकी करने पर स्पीकर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब मैं कह चुका, आप क्यों बोल रहे हैं? मेरे से बड़े हो गए क्या?
मेरे से बड़े हो गए तो आसन पर मेरी जगह आकर बैठ जाइए। सत्ता पक्ष को तो वैसे भी सहयोग करना चाहिए। विपक्ष को भी सहयोग करना चाहिए।

सदन में बिजली गुल, जूली बोले- यह सरकार की हकीकत
विधानसभा में अनुदान मांगों पर बहस के दौरान सदन में कुछ सेकेंड के लिए बिजली गुल हो गई। हालांकि चंद सेकेंड बाद बिजली सप्लाई बहाल हो गई।
कांग्रेस विधायक अर्जुन बामणिया जनजाति, उच्च शिक्षा और वन की अनुदान मांगों पर बोल रहे थे। इसी दौरान 2:52 बजे कुछ सेकेंड के लिए बिजली गुल हुई।
अंदर लाइट पर असर पड़ते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि यहां भी लाइट गई। ऊर्जा मंत्रीजी बैठे हैं। यह हकीकत है आपकी। आज विधानसभा में ही लाइट चली गई है।
विधानसभा में हंगामा और कांग्रेस का वॉकआउट
इससे पहले, विधानसभा में शून्यकाल के दौरान बीकानेर में नाबालिग बच्ची से रेप और हत्या के मामले में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी विधायकों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद नाराज कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट किया।
शून्यकाल में कांग्रेस विधायक डूंगरराम गेदर ने नाबालिग बच्ची से रेप और हत्या का मामला उठाया था। इसके जवाब में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि नाबालिग की हत्या और रेप के मामले में पुलिस की जांच जारी है। नाबालिग का शव मॉर्च्युरी में है। बीकानेर के एसपी और वरिष्ठ पुलिस अफसर मौके पर हैं। अपराधी जल्द अरेस्ट होंगे।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि अपराधी कब अरेस्ट होंगे, जितना जोर परसों मुख्यमंत्री यहां लगा रहे थे, उतना अगर अपराध कंट्रोल में लगाते तो आज ये हालात नहीं बनते। रोज बच्चियों से रेप हो रहे हैं। इसके बाद सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस मामले में ही राजनीति कर रहे हैं।
बेढम बोले- ओछी राजनीति कर रहे हैं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि एक नाबालिग बच्ची से दुराचार हुआ है। इसमें भी नेता प्रतिपक्ष को राजनीति सूझ रही है। यह ओछी राजनीति है। जूली ने कहा- हत्यारे कब अरेस्ट होंगे, यह पूछना राजनीति नहीं है।
इस पर दोनों तरफ से नोकझोंक होने लगी। नोकझोंक के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सदन से वॉकआउट करने की घोषणा की, जिसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।

मंत्री के तंज पर जूली भड़के, बोले-मजाक बना रखा है
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल के जवाब के दौरान जमकर हंगामा और नोकझोंक हुई। बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने अफसरों की लापरवाही से दिव्यांग स्कूटी वितरण नहीं होने पर पूरक सवाल किया था।
इस पर मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के वक्त हुई देरी का हवाला देते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। जूली ने पूछा कि समय पर स्कूटी वितरण नहीं होने से इसकी लागत बढ़ गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
जवाब में मंत्री अविनाश गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि आज पूर्व सीएम विधानसभा में है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच कॉम्पिटिशन है।
इस तंज से जूली नाराज हो गए और कहा- यह राजनीतिक जवाब नहीं चलेगा, सवाल का जवाब दीजिए। आपने सदन का मजाक बना रखा है। अविनाश गहलोत ने कहा- तेज बोलने से झूठ सच नहीं हो जाएगा।

दिलावर बोले- गहलोत बताएं, आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसा लेते थे कि नहीं
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और उनमें शिक्षकों के सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब को लेकर हंगामा हुआ।
शिक्षा मंत्री ने आंकड़े बताने की जगह कांग्रेस पर आरोप लगाए। इसके बाद जमकर नोकझोंक हुई। मदन दिलावर ने कहा- हम सभी स्कूलों में खाली पदों को भर रहे हैं।
हम तो अगले दो साल में रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों को भरने की भी पहले योजना बना रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के राज में इतने अंग्रेजी स्कूल खोले, केवल बोर्ड लटका दिए, कोई पद नहीं दिए।
हजारों की संख्या में बच्चों के साथ अन्याय किया गया। 50 हजार संकाय खोले, लेकिन शिक्षक नहीं लगाए। सारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय कर दिया गया।
दिलावर ने कहा- कांग्रेस ने तो शिक्षा का बंटाधार कर दिया, आपने लूटा है। ये गहलोत साहब बैठे हैं। इन्होंने कहा था कि हमारे शिक्षा मंत्री रिश्वत लेते कि नहीं लेते?
तो शिक्षकों ने इनके सामने कहा था कि डोटासरा ट्रांसफर में पैसे लेते हैं। आप इनसे पूछिए कि उन्होंने कहा था कि नहीं कहा था। गहलोत साहब आप बताइए आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसे लेते थे कि नहीं लेते थे।





