अजमेर में भी प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने सोमवार रात 12 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। निजी बस ऑपरेटर्स ने 28 फरवरी को होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली के लिए बसें उपलब्ध कराने से भी मना कर दिया है।
चक्का जाम में अजमेर की स्लीपर लोक परिवहन, स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व उपनगरीय सहित लगभग 200 बसें शामिल हैं।
वहीं दूसरी और बस स्टैंड पर कोई खास भीड़ नहीं है। हालाकिं रोडवेज प्रशासन ने यात्री भार बढ़ने पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था रिजर्व रखी है।

प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया- सोमवार रात 12 बजे प्रदेश में सभी जगह निजी बसों का चक्का जाम हो गया है। जब तक उनकी मांगें पूरी नही होती हैं, चक्का जाम जारी रहेगा। परिवहन विभाग द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी कहते हैं इमरजेंसी गेट बनवाओ, कभी कहते हैं कैरियर हटाओ तो कभी कहते हैं चार गेट लगवाओ। एक से दो लाख रुपए तक के चालान किए जा रहे हैं।
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन द्वारा समय-समय पर सरकार को चेताया गया कि परिवहन विभाग हठधर्मिता कर रहा है। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स से दो-दो लाख रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है। नए-नए नियम निकाले जा रहे हैं। केवल राजस्थान ऐसा प्रदेश हैं, जहां बसों से कैरियर हटवाए जो वाहन पहले बन चुके हैं, उन पर हैं। नए नियम थोपे नहीं जा सकते हैं।
जबकि बस मालिक बसों में इमरजेंसी गेट, मेडिकल किट, फायर उपकरण, हैमर लगाने के नियमों की पालना कर रहे हैं। 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अजमेर आ रहे हैं। इसे लेकर प्रदेश की बस ऑपरेटर्स यूनियन का आदेश आ गया है कि कोई भी बस ऑपरेटर इस रैली में गाड़ियां नहीं देगा।





