राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। प्रदेशभर में हजारों निजी बसों के बंद रहने से रोजाना लाखों यात्री प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी खाटूश्याम मेले के यात्रियों और होली मनाने जाने वालों को हो रही है।
रोडवेज बसों में भीड़ बढ़ गई है और कई रूटों पर सीट मिलना मुश्किल हो रहा है। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स का दावा है कि राजस्थान से चलने वाली करीब 35 हजार बसें नहीं चल रही हैं। इनमें लोक परिवहन शामिल नहीं है।
अब देखिए, बस ऑपरेटरों की हड़ताल से जुड़ी PHOTOS…



मांगें नहीं मानी तो हड़ताल जारी रहेगी
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सहमति नहीं देती, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन से केवल बस ऑपरेटरों को ही नहीं, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
साहू के अनुसार, उनकी बसों से सरकार को टोल के रूप में लगभग 5 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से आय होती है। बसों के बंद रहने से यह आय रुक गई है।
इसके अलावा, डीजल पर मिलने वाले वैट का भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व हानि को देखते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और बसों का संचालन सामान्य हो सके।





