भारतीय रिज़र्व बैंक के जयपुर कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जयपुर में एलडीएम-डीडीएम सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन की अध्यक्षता क्षेत्रीय निदेशक,भारतीय रिज़र्व बैंक,जयपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में राजस्थान राज्य के सभी बैंकों के राज्य प्रमुख,अग्रणी जिला प्रबंधक,नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में क्षेत्रीय निदेशक महोदय ने वित्तीय समावेशन को मात्र नियामकीय अनुपालन न मानते हुए इसे सतत एवं समावेशी आर्थिक विकास की आधारशिला बताया।उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना,ग्रामीण एवं कृषि ऋण प्रवाह को सुदृढ़ करना तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना सभी हितधारकों की साझा जिम्मेदारी है।
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन रणनीति के उद्देश्यों के अनुरूप राज्य स्तर पर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।विशेष रूप से ग्रामीण एवं कृषि ऋण,किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम, वित्तीय साक्षरता,डिजिटल भुगतान के प्रसार तथा आरसेटी प्रशिक्षुओं के ऋण-संबंधन जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
बैठक में विभिन्न जिलों द्वारा किए गए उल्लेखनीय प्रयासों एवं नवाचारी पहलों की प्रस्तुति भी दी गई।प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित कर जमीनी स्तर की चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधानों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि राजस्थान राज्य में वित्तीय समावेशन,कृषि एवं ग्रामीण ऋण प्रवाह तथा डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे समावेशी एवं संतुलित आर्थिक विकास को गति मिल सके।





