सुशासन और जनहित सर्वोपरि की नीति को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अनेक अभिनव पहले संचालित की जा रही हैं।इन्हीं पहलों में से एक है जयपुर जिले में प्रभावी रूप से क्रियान्वित रास्ता खोलो अभियान,जिसने मात्र 15 महीनों में ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदल दी है।
जयपुर जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से जयपुर जिले में वर्षों से बंद पड़े 1700 से अधिक रास्ते खुलवाए गए,जिससे लाखों ग्रामीणों की खेतों,ढाणियों और गांवों तक पहुंच सुगम हुई है।

रास्ता खोलो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी स्वयं अभियान की सतत एवं सघन मॉनिटरिंग कर रहे हैं।प्रशासन की सक्रियता और संवाद आधारित रणनीति के चलते कई वर्षों पुराने विवादों का समाधान सहमति एवं समझाइश से किया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत फागी तहसील अव्वल रही,जहां सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए।वहीं मौजमाबाद तहसील में 132 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर आशीष कुमार ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में रास्ता खोलो अभियान केवल मार्ग खोलने तक सीमित नहीं,बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को सुगम बनाने का सशक्त माध्यम बन गया है। 15 नवम्बर 2024 से 21 फरवरी 2026 की अवधि में रास्ता खोलो अभियान के तहत जयपुर में कुल 1 हजार 703 रास्ते खुलवाए गए। प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह न्यूनतम 3 रास्ते खुलवाने का लक्ष्य तय किया गया है।इसी के तहत सहमति और समझाइश से गांवों, खेतों और ढाणियों के वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को खोला जा रहा है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के तहत फागी तहसील में सर्वाधिक 148 रास्ते खुलवाए गए। इसके बाद मौजमाबाद में 132, आंधी में 119, चौमूं में 103, शाहपुरा में 100, फुलेरा एवं चाकसू में 91-91, जमवारामगढ़ में 90, आमेर एवं दूदू में 89-89, रामपुरा डाबड़ी में 85, माधोराजपुरा में 83, बस्सी में 81, जोबनेर में 79, किशनगढ़ में 75, कोटखावदा में 72, जालसू में 70, तुंगा में 57, सांगानेर में 34, कालवाड़ में 10 तथा जयपुर तहसील में 5 रास्ते खुलवाए गए।
रास्ता खोलो अभियान से जिले में वर्षों से अवरुद्ध आवागमन मार्ग पुनः सुचारु हुए हैं और ग्रामीणों को सीधी राहत मिली है, जिससे जिले में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों को सीधा लाभ मिला है।रास्ते खुलने से किसानों को खेतों तक मशीनरी और उपज पहुंचाने में सुविधा मिली है।आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है।विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में अब लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ता।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन के इस विनम्र प्रयास ने संवेदनशील और समाधान-आधारित दृष्टिकोण ने कई वर्षों पुराने विवादों को समाप्त कर सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ किया है, यही कारण है कि रास्ता खोलो अभियान आज जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में राहत, विश्वास और सुशासन का पर्याय बन चुका है।यह पहल न केवल अवरुद्ध मार्गों को खोल रही है,बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।






