विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल के जवाब के दौरान जमकर हंगामा और नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की पहले सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और फिर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत से नोकझोंक हो गई।
बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने अफसरों की लापरवाही से दिव्यांग स्कूटी वितरण नहीं होने पर पूरक सवाल किया था। इस पर मंत्री अविनाश गहलोत ने पिछली सरकार के वक्त हुई देरी का हवाला देते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
जूली ने पूछा कि समय पर स्कूटी वितरण नहीं होने से इसकी लागत बढ़ गई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? जवाब में मंत्री अविनाश गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि आज पूर्व सीएम विधानसभा में है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच कॉम्पिटिशन है। इस तंज से जूली नाराज हो गए और कहा- यह राजनीतिक जवाब नहीं चलेगा, सवाल का जवाब दीजिए। आपने सदन का मजाक बना रखा है। अविनाश गहलोत ने कहा- तेज बोलने से झूठ सच नहीं हो जाएगा।
दिलावर बोले- गहलोत बताएं, आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसा लेते थे कि नहीं
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और उनमें शिक्षकों के सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब को लेकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री ने आंकड़े बताने की जगह कांग्रेस पर आरोप लगाए। इसके बाद जमकर नोकझोंक हुई।
मदन दिलावर ने कहा- हम सभी स्कूलों में खाली पदों को भर रहे हैं। हम तो अगले दो साल में रिटायर होने वाले शिक्षकों के पदों को भरने की भी पहले योजना बना रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के राज में इतने अंग्रेजी स्कूल खोले, केवल बोर्ड लटका दिए, कोई पद नहीं दिए। हजारों की संख्या में बच्चों के साथ अन्याय किया गया। 50 हजार संकाय खोले, लेकिन शिक्षक नहीं लगाए। सारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय कर दिया गया।
दिलावर ने कहा- कांग्रेस ने तो शिक्षा का बंटाधार कर दिया, आपने लूटा है। ये गहलोत साहब बैठे हैं। इन्होंने कहा था कि हमारे शिक्षा मंत्री रिश्वत लेते कि नहीं लेते? तो शिक्षकों ने इनके सामने कहा था कि डोटासरा ट्रांसफर में पैसे लेते हैं। आप इनसे पूछिए कि उन्होंने कहा था कि नहीं कहा था। गहलोत साहब आप बताइए आपके शिक्षा मंत्री ट्रांसफर में पैसे लेते थे कि नहीं लेते थे।






